मोतिहारी नगर निगम में 3 हजार की जनसंख्या पर पुनर्गठित होगी पंचायत.



नगर निगम मोतिहारी व नगर परिषद चकिया की अधिसूचना जारी होते ही इसके अधीन आनेवाले पंचायतों के नये सिरे से पुनर्गठन की कवायद शुरू की गयी है। इसको लेकर जिला पंचायत राज विभाग ने कार्यपालक पदाधिकारी व बीडीओ से क्षेत्राधीन आने वाले पंचायतों की 1991 की जनगणना के आधार पर जनसंख्या संबंधी सूची तलब की है। जनसंख्या संबंधी सूची मिलने पर पंचायतों का नये सिरे से पुनर्गठन किया जाएगा। इसको लेकर उन क्षेत्रों में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गयी है।

तीन हजार की आबादी पर बनेंगे पंचायत

पंचायत राज विभाग के अनुसार नगर निगम व नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत आनेवाले शामिल पंचायत में अधिक जनसंख्या होने पर तीन हजार पर पंचायत का पुनर्गठन किया जाएगा। साथ ही तीन हजार से कम जनसंख्या होने पर उस पंचायत के गांव को बगल के पंचायत में टैग किया जाएगा। इसको लेकर कवायद शुरू की गयी है।

ईओ व बीडीओ को दिया निर्देश

नये सिरे से पंचायतों के पुनर्गठन के लिए जिला पंचायत राज विभाग ने मोतिहारी नगर निगम के कार्यपालक पदाधिकारी व चकिया नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी से जनसंख्या संबंधी रिपोर्ट मांगी है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र के मोतिहारी, तुरकौलिया,बंजरिया व चकिया प्रखंड के बीडीओ से रिपोर्ट मांगी है।

नगर निगम में आए हैं ये गांव

मोतिहारी सदर के सम्मिलित गांवों में बरियारपुर, नंदपुर फुर्सतपुर,मलकौनिया, लोकसा, बैरिया, जमला, रूपडीह, हरिहन छपरा, अपर छतौनी (पार्ट), सैदनगर, बरकुरवा, चंद्रहिया (पार्ट), बनकट, पतौरा टोला लाला, पतौरा टोला भटहां, बसवरिया, बंजरिया, बंजरिया(पार्ट), तरकुलवा, पिपरा, रतनपुर, सिंघिया सागर, सिंघिया हीवन, चैलाहां(पार्ट), रघुनाथपुर, वृत लक्ष्मीपुर,लक्ष्मीपुर हरदिया शामिल है।

नगर निगम में शामिल हैं ये पंचायत

नगर निगम में शामिल पंचायतों में बरियारपुर,अमर छतौनी चंद्रहिया, पतौरा, बंजरिया(एक आंशिक व शेष पूर्ण) शामिल है।

चकिया नगर परिषद में शामिल हैं ये गांव व पंचायत

चकिया नगर परिषद अंतर्गत चकिया (पूर्ण भाग), कुआवां (पूर्ण भाग), घंघटी(पूर्ण भाग), वैशाहां (अंश भाग), बरमदिया(अंश भाग) शामिल है। वहीं नगर परिषद चकिया में चकिया, कुअवां(पूर्ण भाग), वैशाहां व बरमदिया(आंशिक भाग) शामिल है।

कहते हैं अधिकारी

जिला पंचायत राज पदाधिकारी सादिक अख्तर ने बताया कि नगर निगम व नगर परिषद की अधिसूचना जारी होने के बाद इसके अंतर्गत आने वाले पंचायतों से अवशेष भाग को नये सिरे से पुनर्गठित कर पंचायत का दर्जा दिया जाएगा। इसके लिए पंचायत की आबादी तीन हजार होनी चाहिए। तीन हजार से कम आबादी होने पर बगल के पंचायत में उक्त गांव की आबादी को टैग किया जाएगा। यह कार्य 1991 की जनगणना के आधार पर किया जाएगा।

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