पटना एम्स से अरेराज होते हुए नेपाल सीमा तक बनेगा फोरलेन, NHAI का खाका तैयार.



पटना एम्स से वाल्मीकिनगर के रामपुर चेकपोस्ट स्थित नेपाल सीमा तक फोरलेन हाईवे बनेगा। पर्यटन और आर्थिक दृष्टिकोण से अहम इस नए हाईवे का खाका एनएचएआई ने तैयार कर लिया है। अनुमानित लागत 5650 करोड़ तय की गई है। 239 किलोमीटर लंबाई वाले हाईवे के निर्माण के बाद वाल्मीकिनगर टाइगर प्रोजेक्ट (इको टूरिज्म) जाना आसान हो जाएगा।

एनएचएआई का खाका तैयार

एनएचएआई के अधिकारियों की माने तो हाईवे बनने के बाद पर्यटन उद्योग को जबरदस्त फायदा होगा। राज्य के सबसे सुदूरवर्ती उत्तर-पश्चिमी सीमाई व पिछड़े थरुहट इलाके से पटना एम्स आने में मरीजों को भी सुविधा हो जाएगी। रामजानकी मार्ग (अयोध्या-जनकपुर), ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (गुजरात-अरुणाचल प्रदेश) समेत अन्य नेशनल हाईवे से इसके जुडऩे से व्यापारिक दृष्टिकोण से भी इसकी महत्ता बढ़ जाएगी। इस हाईवे को तीन पैकेज में अलग-अलग तैयार करने की योजना है।

  1. पटना एम्स से सारण के सोनपुर बाकरपुर हाट- लंबाई : 21 किमी | अनुमानित लागत : 2125 करोड़
  2. सोनपुर बाकरपुर हाट से अरेराज तक- लंबाई : 116 किमी | अनुमानित लागत : 1864 करोड़
  3. अरेराज से वाल्मीकिनगर रामपुर चेकपोस्ट-लंबाई : 102 किमी | अनुमानित लागत : 1661 करोड़

फाइनल एलाइनमेंट की मंजूरी शीघ्र, नेपाल सीमा तक पहुंचने का सबसे आसान रास्ता होगा

पटना एम्स से सोनपुर बाकरपुर हाट तक दीघा एम्स एलिवेटेड होते हुए पहले पैकेज की लंबाई 21 किमी है। इस पैकेज में ही वर्तमान दीघा रेल सह सड़क सेतु के समानांतर नया 4 लेन पुल बनाना है। वैसे वर्तमान 3लेन रेल सह सड़क पुल के दोनों तरफ 4 लेन एप्रोच सड़क पहले से ही तैयार है। इस पूरे 21 किमी लंबाई में नया 4 लेन दीघा पुल बन जाने के बाद यह पैकेज पूरा हो जाएगा।

अरेराज से बेतिया, बगहा होते हुए वाल्मीकिनगर के रामपुर चेकपोस्ट तक तीसरे पैकेज की लंबाई 102 किलोमीटर है। यह एलाइनमेंट फिलहाल 2 लेन चौड़ा है। उसे चार लेन बनाया जाएगा। इन तीनों पैकेज के निर्माण के बाद पटना से वाल्मीकिनगर की नेपाल सीमा तक जाने का यह सबसे आसान और कम समय में पहुंचने वाला मार्ग हो जाएगा।

सोनपुर बाकरपुर हाट से गंडक नदी के पश्चिमी किनारे पर मकेर, तरैया बैकुंठपुर, रामपुरवा होते हुए डुमरिया पुल पार करते हुए गंडक नदी के पूर्वी किनारे से खजुरिया के बाद अरेराज तक दूसरे पैकेज की लंबाई 116 किलोमीटर है। गंडक पर नया पुल बनाने की जरुरत नहीं है। ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के तहत डुमरिया में पहले से ही नया पुल प्रस्तावित है। 699 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होना है।

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